मैक्रों ने पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार से “पूरी तरह सक्रिय” होने की मांग की
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सरकार से ईंधन की कमी को रोकने और पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए “पूरी तरह सक्रिय” होने की मांग की है।
कैबिनेट बैठक के बाद सरकार की प्रवक्ता मॉड ब्रेजों ने कहा कि निकट अवधि में सबसे बड़ी प्राथमिकता तत्काल ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करना होगी। इसके लिए अन्य देशों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की सक्रिय खरीद भी की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य घरेलू बाजार में जल्द से जल्द पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराना और वाहन चालकों के बीच घबराहट को रोकना है।
राष्ट्रपति की यह सख्त प्रतिक्रिया वास्तविक खुदरा समस्याओं के बाद आई है। फ्रांस के लगभग 10% पेट्रोल पंपों पर पहले ही कम-से-कम एक प्रकार के ईंधन की कमी हो चुकी है। इसके बाद संबंधित मंत्रालय और आपातकालीन सेवाएँ पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने या कम-से-कम आगे की बढ़ोतरी को रोकने के लिए सख्त नियंत्रण लागू करने के विकल्पों पर तत्काल विचार कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि फिलहाल परिवहन और आपूर्ति श्रृंखलाएँ किसी गंभीर व्यवधान के बिना काम कर रही हैं और विदेशों से ईंधन की खरीद पहले ही बढ़ाई जा चुकी है।
यह ईंधन संकट ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति के लिए जनसमर्थन बेहद निचले स्तर पर है। हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, मैक्रों की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 16% हो गई है, जो 2017 में उनके राष्ट्रपति बनने के बाद का सबसे निचला स्तर है।
ईरान के आसपास चल रहे युद्ध और टैंकरों के जरिए ईंधन परिवहन में आए व्यवधानों के कारण ईंधन की कीमतें ऐतिहासिक ऊँचाई तक पहुँच गई हैं। इससे जनता में असंतोष और बढ़ रहा है और सरकार पर नागरिकों को राहत देने के लिए नए उपाय करने का दबाव बढ़ गया है।